नीम-कश
काफ़िर को लुत्फ़-ए-अंग्बी सा है मय-ए-तल्ख़-ओ-हराम ज़ाहिद को तो है नीम-कश इक जन्नती मय-ख़्वार-ओ-मय کافر کو لطفِ انگبی سا ہے مئی تلخ و حرام زاہد کو تو ہے نیم کش اک جنّتی می کھوار و می ― नज़र نظر लुत्फ़-ए-अंग्बी - Pleasure of Honey मय-ए-तल्ख़ - Bitter Wine ज़ाहिद - Devotee नीम-कश - Agonising मय-ख़्वार-ओ-मय - Wine Drinker and wine