चलो माना कि तुम्हें इश्क़ ही था उससे पर तुम भला इतने भले-चंगे हो तो हो कैसे چلو مانا کِ تمہیں عشق ہی تھا اس سے پر تم بھلا اتنے بھلے چنگے ہو تو ہو کیسے — नज़र نظر
मुझसे जुदाई के ख़याल-ओ-ख़ाब से डर जाए सो उसको जुदाई से ज़रा पहले का ग़म दिखला दिया مجھ سے جدائی کے خیال_و_خاب سے ڈر جائے سو اسکو جدائی سے ذرا پہلے کا غم دکھلا دیا — नज़र نظر
संभाल कर रक्खी हैं तेरी कुछ बुरी तस्वीरें भी जो छोड़ कर जाओ कभी तो ख़ुद को ढांढस दे सकूँ سنبھال کر رکھّی ہیں تیری کچھ بری تصویریں بھی جو چھوڑ کر جاؤ کبھی تو خد کو دهاندھس دے سکوں ― नज़र نظر
वो कहती है फ़ुर्क़त पे तुम लिखते हो ख़ूब पर फिर विसाल ओ वस्ल पर लिखते नहीं मैं कहता हूँ फ़ुर्क़त थें वो बस लफ्ज़ के तुम अस्ल में तो थे वहीं के ही वहीं وہ کہتی ہے فرقت پے تم لکھتے ہو خوب پر پھر وصال و وصل پر لکھتے نہیں میں کہتا ہوں فرقت تھیں وہ بس لفظ کے تم اصل میں تو تھے وہیں کے ہی وہیں ― नज़र फ़ुर्क़त - Separation विसाल - Union वस्ल - Meeting
बस ज़रा सी और हिम्म्त की ज़रूरत है मुझे तेरी फ़ुरक़त और ग़मे दिल पार पाने के लिए بس ذرا سی اور ہمّت کی ضرورت ہے مجھے تیری فرقت اور غم ے دل پار پانے کے لیے — नज़र نذر फ़ुरक़त - Separation
कितनी आसानी से तुमने और कैसे कह दिया ये मेरी हर शय जो जुड़ी है तुमसे वो सब तुम मिटा दो کرنی آسانی سے تمنے آور کیسے کہا دیا یہ میری ہار شے جو جڑی ہے طمسے و سب میٹا دو — नज़र نذر
बीती है शब ए हिज्राँ यूँ दीवारों से लग के मर्ग़ूब है अब मुझको ये कंकर भरे छत भी بیتی ہے شب ے ہجراں یوں دیواروں سے لگ کے مرغوب ہے اب مجھکو یہ کنکر بھرے چھت بھی ― नज़र शब ए हिज्राँ - Nights of separation मर्ग़ूब - Pleasant , Agreeable 221 1221 1221 122
वो दिन अब पास हैं मेरे कि तुमसे दूर हो जाऊँ वो दिन जो दूर थें वो दूर ही रह जाएँगे जानाँ وو دن اب پاس ہیں میرے ک تمسے دور ہو جاؤں وو دن جو دور تھیں وو دور ہی رہ جاینگے جاناں — नज़र