बे-हया
बे-हया हैं सूरतें ओ बे-रिदा हैं जिस्म ओ दिल , मैं मेरी धड़कन का देखो बन गया ख़ुद ही क़ातिल , तुमको मैंने दिल से चाहा पर ख़ुदी कहता हूँ मैं , माफ़ करना री मोहब्बत मैं नहीं तेरे काबिल । ― नज़र बे-रिदा - Unveiled
By Kunal Rajput (नज़र نظر)