बे-हया

बे-हया हैं सूरतें ओ बे-रिदा हैं जिस्म ओ दिल ,
मैं मेरी धड़कन का देखो बन गया ख़ुद ही क़ातिल ,
तुमको मैंने दिल से चाहा पर ख़ुदी कहता हूँ मैं ,
माफ़ करना री मोहब्बत मैं नहीं तेरे काबिल ।

― नज़र

बे-रिदा - Unveiled




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