बे-हया Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 06, 2019 बे-हया हैं सूरतें ओ बे-रिदा हैं जिस्म ओ दिल , मैं मेरी धड़कन का देखो बन गया ख़ुद ही क़ातिल , तुमको मैंने दिल से चाहा पर ख़ुदी कहता हूँ मैं , माफ़ करना री मोहब्बत मैं नहीं तेरे काबिल । ― नज़र बे-रिदा - Unveiled Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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