से डर रहे हैं (ग़ज़ल)
तुर्बत - Grave अहल-ए-सच - People of truth , सच्चे लोग रफ़ाक़त - Friendship , Companionship ज़ुल्मत - Darkness , अंधेरा पहलू - Beside फ़ुर्क़त - Separation गुरेज़-ख़ू - Evasive , नज़रअंदाज़ करने वाले रग़बत - Inclination आबरू - Pride , इज़्ज़त क़ुर्बत - Nearness _____________________________________________ तमाम आँखें शिकन में हैं,सब गवाह-ए-तुर्बत से डर रहे हैं जो कहते थे ख़ुद को अहल-ए-सच वो तमाम इक ख़त से डर रहे हैं تمام آنکھیں شکن میں ہیں ، سب گواہ_تربت سے ڈر رہے ہیں جو کہتے تھے خد کو اہل_سچ وو تمام اک خت سے ڈر رہے ہیں हमारे ख़ुश की वो इक तलब है सो उसकी आदत से डर रहे हैं अभी तलक जो लगी नहीं ,उस तबाही-ए-लत से डर रहे हैं ہمارے خش کی وو اک طلب ہے سو اسکی عادت سے ڈر رہے ہیں ابھی تلک جو لگی نہیں ، اس تباہی_لت سے ڈر رہے ہیں अजब है ये भी शुमार थी जो हमारी आँखों में ख़्वाब बनके बदन से लगने को आ रही है तो हम हक़ीक़त से डर रहे हैं عجب ہے یہ بھی شمار تھی جو ہماری آنکھوں میں ہواب بنکے بدن سے لگنے کو آ رہی ہے تو ہم حقیقت سے ڈر رہے ہیں हम उसकी दहशत से ख़ौफ़ खा के गरेबाँ अपनी मसल रहे...