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हुलिया

शायरी चीज़ दिल-ओ-लफ़्ज़ की है जाने क्यूँ हुलिया बदल लेते हैं लोग شاعری چیز دل_و_لفظ کی ہے جانے کیوں حلیہ بدل لیتے ہیں لوگ — नज़र نظر

फ़न

दो मिसरे कहना शे'र कहलातें अगर फिर शायरी इक फ़न न कहलाती 'नज़र' دو مصرعے کہنا شیر خلاتیں اگر 'پھر شاعری اِک فن نہ کہلاتی 'نظر ― नज़र نظر  फ़न - Skill , कला

इल्म

मैं ख़ुद के रंग उसकी शायरी में को छोड़ आया हूँ वो मुझको भूलने के शे'र में भी मुझको पाएगी میں خد کے رنگ اسکی شاعری میں چھوڑ آیا ہوں وہ مجھکو بھولنے کے شیر میں بھی مجھکو پائگی — नज़र نظر 

रंग

तुम्हारी शायरी में रंग अपने छोड़ आया हूँ तुम अब हर हर्फ़ में अपने हमारा अक्स पाओगी تمہاری شاعری میں رنگ اپنے چھوڑ آیا ہوں تم اب ہر حرف میں اپنے ہمارا عکس پاؤگی — नज़र نظر हर्फ़ - Letter अक्स - Image

सितारा

आज जन्नत तो यक़ीनन होगा रौशन धरती से रुख़्सत हुआ है इक सितारा آج جنّت تو یقیناً ہوگا روشن دھرتی سے رخصت ہوا ہے اِک ستارہ — नज़र نظر   

ज़िन्दगी-शायरी

फ़रेब-ओ-बे-वफ़ाई ,झूठ, अना-ओ-कुफ़्र समझते हो तो आओ ज़िन्दगी सीखें इता ,इक्वा, तनाफ़ुर और शुतुरगुरबा समझते हो तो आओ शायरी सीखें  فریب_و_بے وفائی جھوٹھ انا_و_قدر سمجھتے ہو تو آؤ زندگی سیکھیں اتا اکوا تنافر اور شُترگربا سمجھتے ہو تو آپ شاعری سیکھیں — नज़र نظر अना - Ego कुफ़्र - Disbelief

जौन

इश्क़ और शायरी की थूक के भी ख़ून बे-वज्ह इश्क़ अब खेल है और शायरी बे-बह्र है जौन عشق اور شاعری کی تھوک کے بھی خون بے وجہ عشق اب کھیل ہے اور شاعری بے بھر جون — नज़र نظر

शायर

महताब और शराब क़वाफ़ी बना के लोग शायर क़रार दे रहे हैं ख़ुद को आज कल مہتاب اور شراب قوافی بنا کے لوگ شاعر قرار دے رہے ہیں خد کو آج کل — नज़र نظر

शाईरी

ज़ख़्म ए दिल और दरपेश इक आइना , अक्स कुछ भी नहीं शक़्ल ए शाईरी है । ― नज़र दरपेश - In front अक्स - Image 212 212 212 212

शायरी

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सोच  रक्खा  था  नहीं  करनी  मुझे  अब  शायरी  नक्श ओ नाज़ ए जाँ ही ऐसी है बताओ क्या करें — नज़र नक्श ओ नाज़ ए जाँ - Charm and Beauty of Beloved

शायरी

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दर्द-ए-ज़ेहन में ग़म-गुसार है अश्क लेकिन  , दर्द -ए- दिल  की  आह -ओ- ख़ूँ  शायरी  है । ― नज़र

शायरी

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ये नज़्में ओ ग़ज़लें भी ले जाओ मेरे , मैं शायर तेरा बस, मिरी शायरी तू । ― नज़र