वो इश्क़ फिर है ही नहीं जिसमें हो हसरत जिस्म की हसरत है गर जो जिस्म की तो जा किसी कोठे पे जा وہ عشق پھر ہے ہیں نہیں جسمیں ہو حسرت جسم کی حسرت ہے گر جو جسم کی تو جا کسی کوٹھے پے جا ― नज़र نظر
इस तौर इश्तिहा मुझे क़ायल करेगी हाय सोचा नहीं था इश्क़ को घायल करेगी हाय اِس طور اشتہا مجھے قاتل کریگی ہای سوچا نہیں تھا عشق کو گھایل کریگی ہای — नज़र نظر इश्तिहा - lust
सर से ले के पाँव तक वो खुल चुकी है मेरे आगे या अज़ीज़म हूँ मैं उसको या तो वो इक बद-चलन है سر سے لے کے پانو تک وو کھل چکی ہے میرے آگے یا عزیزم ہوں میں اسکو یا تو وو اک بد - چلن ہے — नज़र نظر
मोहब्बत दर्मियाँ में थी किसी शबनम के कतरे सी हवस के शोर ने मेरी मोहब्ब्त को जला डाला محبت درمیاں میں تھی کسی شبنم کے قطر سے ہوس کے شور نے میری محبت کو جلا ڈالا — नज़र نذر शबनम - Dew कतरा - Drop
मेरी आँखें रिदा कर दे मेरे होंठों को पंखुड़ियाँ न तेरे तन की हसरत हो न तेरे होंठ ज़ख़्मी हों میری آنکھیں ردا کر دے ، میرے ہوںٹھوں کو پنکھڑیاں ن تیرے تن کی حسرت ہو ن تیرے ہونٹھ زخمی ہوں — नज़र نذر
इश्तिहा ऐसी भी क्या है , इश्क़ की तो लाज रख ले कम से कम उसकी ही सुन ले इख़्तियारी इख़्तियारी اشتہا ایسی بھی کیا ہے ، عشق کی تو لاج رکھ لے کم سے کم اسکی ہی سن لے اختیاری اختیاری — नज़र इश्तिहा - Hunger , Lust इख़्तियारी - Control
मोहब्बत है तुमसे दिलो जाँ से मुझको तुम्ही ज़िन्दगी ओ क़ज़ा भी हो मेरी तकल्लुफ़ करें क्यूँ ये कहने में तुमसे हिसार ए हवस में भी तुम ही हो मेरी ― नज़र क़ज़ा - Death हिसार ए हवस - Circle of lust