Posts

Showing posts with the label lust

इश्क़

वो इश्क़ फिर है ही नहीं जिसमें हो हसरत जिस्म की  हसरत है गर जो जिस्म की तो जा किसी कोठे पे जा  وہ عشق پھر ہے ہیں نہیں جسمیں ہو حسرت جسم کی  حسرت ہے گر جو جسم کی تو جا کسی کوٹھے پے جا ― नज़र نظر

इश्तिहा

इस तौर इश्तिहा मुझे क़ायल करेगी हाय सोचा नहीं था इश्क़ को घायल करेगी हाय اِس طور اشتہا مجھے قاتل کریگی ہای سوچا نہیں تھا عشق کو گھایل کریگی ہای — नज़र نظر इश्तिहा - lust

बद-चलन

सर से ले के पाँव तक वो खुल चुकी है मेरे आगे या अज़ीज़म हूँ मैं उसको या तो वो इक बद-चलन है  سر سے لے کے پانو تک وو کھل چکی ہے میرے آگے یا عزیزم ہوں میں اسکو یا تو وو اک بد - چلن ہے — नज़र نظر

हवस

मोहब्बत दर्मियाँ में थी किसी शबनम के कतरे सी हवस के शोर ने मेरी मोहब्ब्त को जला डाला محبت درمیاں میں تھی کسی شبنم کے قطر سے ہوس کے شور نے میری محبت کو جلا ڈالا — नज़र نذر  शबनम - Dew  कतरा - Drop 

हवस

इस क़दर बे-क़रार था न कभी इस क़दर तो हवस में तू नहीं थी اِس قدر بے قرار تھا ن کبھی اِس قدر تو ہوس میں تو انہیں تھی — नज़र نذر

हसरत

मेरी आँखें रिदा कर दे मेरे होंठों को पंखुड़ियाँ न तेरे तन की हसरत हो न तेरे होंठ ज़ख़्मी हों میری آنکھیں ردا کر دے ، میرے ہوںٹھوں کو پنکھڑیاں ن تیرے تن کی حسرت ہو ن تیرے ہونٹھ زخمی ہوں — नज़र نذر 

इश्तिहा

इश्तिहा ऐसी भी क्या है , इश्क़ की तो लाज रख ले कम से कम उसकी ही सुन ले इख़्तियारी इख़्तियारी اشتہا ایسی بھی کیا ہے ، عشق کی تو لاج رکھ لے کم سے کم  اسکی  ہی  سن  لے  اختیاری اختیاری — नज़र इश्तिहा - Hunger , Lust इख़्तियारी - Control

हिसार ए हवस

Image
मोहब्बत है तुमसे दिलो जाँ से मुझको तुम्ही ज़िन्दगी ओ क़ज़ा भी हो मेरी तकल्लुफ़ करें क्यूँ ये कहने में तुमसे हिसार ए हवस में भी तुम ही हो मेरी ― नज़र क़ज़ा - Death हिसार ए हवस - Circle of lust

काश

Image
नींद  की  जैसे  तलब सी  है उसे सो , काश !  मेरे  होंठों  पे  वो  नींद  होती । शर्म से लिपटी सी रहती है फ़क़त वो , काश ! बेशर्म सी  वो मेरे साथ सोती । — नज़र