काश Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 19, 2019 नींद की जैसे तलब सी है उसे सो , काश ! मेरे होंठों पे वो नींद होती । शर्म से लिपटी सी रहती है फ़क़त वो , काश ! बेशर्म सी वो मेरे साथ सोती । — नज़र Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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