से पहले ( ग़ज़ल )
मेरे दिल ने कहा आहें भरने से पहले ,
समझ बुझ लेना इश्क़ करने से पहले ।
खड़ा था हज़ारों टुकड़ों में बे-कफ़न ,
ऐसे हश्र थे मेरे बिखरने से पहले ।
खिले हैं शजर जिसने रिश्वत दिया था ,
फ़ज़ा को ख़िज़ाँ में सँवरने से पहले ।
क्या ख़ूब कहा आज ज़ेहन ओ दिल ने मेरे ,
तबियत से बिगड़ लो सुधरने से पहले ।
मिटा दो हक़ीक़त साथ रहना है तुमने ,
उसके चेहरे की रंगत उतरने से पहले ।
ये पुख़्ता करो हर ख़्वाहिश हो मुकम्मल ,
आज कल के इश्क़ में बिछड़ने से पहले ।
तेरे दिल मे हमारी अहमियत है कितनी ,
बता देना मुझको मेरे मरने से पहले ।
शाख़ों ने कहा कि पत्ते ऐसे नही थे ,
तूफ़ानों के संगत में पड़ने से पहले ।
समझ बुझ लेना इश्क़ करने से पहले ।
खड़ा था हज़ारों टुकड़ों में बे-कफ़न ,
ऐसे हश्र थे मेरे बिखरने से पहले ।
खिले हैं शजर जिसने रिश्वत दिया था ,
फ़ज़ा को ख़िज़ाँ में सँवरने से पहले ।
क्या ख़ूब कहा आज ज़ेहन ओ दिल ने मेरे ,
तबियत से बिगड़ लो सुधरने से पहले ।
मिटा दो हक़ीक़त साथ रहना है तुमने ,
उसके चेहरे की रंगत उतरने से पहले ।
ये पुख़्ता करो हर ख़्वाहिश हो मुकम्मल ,
आज कल के इश्क़ में बिछड़ने से पहले ।
तेरे दिल मे हमारी अहमियत है कितनी ,
बता देना मुझको मेरे मरने से पहले ।
शाख़ों ने कहा कि पत्ते ऐसे नही थे ,
तूफ़ानों के संगत में पड़ने से पहले ।
— नज़र
फ़ज़ा - Ambience , वातावरण
ख़िज़ाँ - Autumn , पतझड़

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