मौसम

अजब ही है मौसम हमारे शहर में ,
हैं छाये अंधरे भरी दोपहर में ,
ना सावन है ना ये बरसने का मौसम ,
ना जाने क्या मसला हुआ अम्बर में ।

― नज़र


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