इख़्तियार

सोचता हूँ ,मोहब्बत में ये क़रार तो नहीं ,
किसी के दिल पे किसी का इख़्तियार तो नहीं ,
कोई काबू में किसी के हो तो क्यूँ हो ये बता ,
मोहब्बत भला इस कदर भी लाचार तो नहीं ।

― नज़र

इख़्तियार - Control





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