काश Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 31, 2019 चमकते बूंद हैं तन पे , हैं गीले गेसुएँ उसकी , बदन पे है शरम पहना , 'नज़र' गर काश ऐसा हो , वो मेरी प्यास बन जाये , ज़रा सी बेशरम हो के । — नज़र Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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