ख़ुदाया

पढ़  रहा है  चाँद भी  तस्बीह पे  उस  नाम को ,
जिस ख़ुदाया की इबादत दिल में मेरे चल रही ।

― नज़र
तस्बीह - Rosary , ख़ुदा का नाम जपने की माला







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