ख़ामोशी

चीख़ रहा हूँ बेआवाज़ मैं कब से ख़मोशी की रियासत में ,
इक  अनजानी सी  ख़ामोशी के  पैरों तले  मैं  आ गया हूँ ।

― नज़र



2222 2222 2222 2222

Comments