काटे जा रहा Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 25, 2019 सोच से अपनी मुकम्मल रात काटे जा रहा क्या हुआ जो आज फिर ज़ुल्मात काटे जा रहा फ़िक्र क्या है ,क्या परेशानी ,ख़ुदी अंजान हूँ ठीक है सब कुछ मगर मैं बात काटे जा रहा ― नज़र ज़ुल्मात - Darkness Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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