माफ़

फ़क़त ज़ेहनी वो कचरे हैं , मेरे दिल से उसे तुम साफ़ कर दो ना ,
या जाने जाँ तुम्हीं कचरे से आगे बढ़ के मुझको माफ़ कर दो ना ।

― नज़र




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