इक दफ़ा फिर

धरती भी  तकमील करने को है  चक्कर  इक दफ़ा फिर
और क्या बस , वो ही ना-कामिल से मंज़र इक दफ़ा फिर

― नज़र

तकमील - Complete
कामिल - Mature

Comments