में क्या(ग़ज़ल)

हिज्र आने को है अमान में क्या
मौत लिक्खी है इम्तिहान में क्या

ख़ाब में भी तबाह हो चुका था
यानी कुछ भी नहीं निदान में क्या

ज़मीं पे है शिफ़ा,जज़ा,ख़ुदा सब
देखता है फिर आसमान में क्या

― नज़र


अमान - पनाह , shelter
शिफ़ा - Recovery , Healing
जज़ा - Reward

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