तू चुप क्यूँ है

ازانے دے رہا کب سے ذرا نظر ے کرم تو کر
تو کچھ ردِّ ے عمل تو دے خدا میرے تو چپ کیو ہے

अज़ानें दे रहा कब से ज़रा नज़र-ए-करम तो कर
तू कुछ रद्द-ए-अमल तो दे,ख़ुदा मेरे तू चुप क्यूँ है

― नज़र نذر

रद्द-ए-अमल - Reaction 

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