इमान-ए-मोहब्बत

'नज़र' क्या मोहब्बत ,क्या तेरी इबादत ,
शमा  को  हवा  में  ही  छोड़ा  था  तुमने ।

अब ख़ुद से  न कहना  तुम कोई  बहाने ,
इमान-ए-मोहब्बत  कल तोड़ा  था तुमने ।

— नज़र

शमा - Flame




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