रात भर

मैं घिसता रहूँगा कलम रात भर ,
मगर ना घटेंगे ये ग़म रात भर ,
न दर्द ए हलक़ ना कपसते बदन ,
न होगी बे-चैनी ही कम रात भर ।

— नज़र

दर्द ए हलक़ - Painful throat
कपसना - Breathing and shivering while silent cry


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