पासबाँ (नज़्म)

सुनो ऐ पासबाँ देखो ,हमारे घर में कोई सानेहा या फिर
कोई अग़्यार किस भी तौर से दाख़िल न होने पाए ,
अगर जो हो रहें हैं तो सभी इलज़ाम तेरे सर
सभी तनक़ीद तेरे सर ।
मगर हाँ , देख लो तुम हम मकीं से कुछ वज़ाहत ले नहीं सकते,
कोई तहक़ीक़ या तफ़्तीश भी तुम कर नहीं सकते ।

― नज़र

पासबाँ - Watchman ; सानेहा - दुर्घटना,Accident, disaster ; अग़्यार - Strangers ; तनक़ीद - Criticism ;वज़ाहत - Clarification

#नज़्म #एक_ख़याल #NRC 

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