अक्स तेरा

रहना तू आँखों में दिन-रात
होती रहे तुझसे हर-पल बात

तुझको चाहेंगे इतना कभी
मैंने सोचा न था
तुझमें जीने लगेंगे सनम
पहले जाना न था

अब सोचता हूँ यारा
तू पास है जो मेरे

आँखों से तेरी आँखें मिला के
बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा
आँखों से तेरी आँखें मिला के
बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा

हो आके मेरी बाहों में हीरिए
खो के मेरी साँसों में जानिए
रहना तू आँखों में दिन-रात
होती रहे तुझसे हर-पल बात

आँखों से तेरी आँखें मिला के
बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा
आँखों से तेरी आँखें मिला के
बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा
हो... अक्स तेरा


जान मेरी तू ही है जानाँ
तू ही मेरी धड़कन है यारा
साँसों में हर पल तू ही तू है
नींदों में भी बस ख़ाब हैं तेरे

ख़ाब भी तू ही ख़याल भी तू ही
जान भी तू ही जहान भी तू ही


तुझको छुपा के मैं रख लूँ कहीं

कुछ यूँ कि कोई चुरा न सके

आँखों से तेरी आँखें मिला के
बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा
आँखों से तेरी आँखें मिला के
बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा...

ओ...
रहना तू आँखों में दिन-रात
होती रहे तुझसे हर-पल बात...

― नज़र










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