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हमनवाई ( Song Lyrics )

हमनवाई ले गया तू बे-वफ़ा मेरी बेवफ़ाई दे गया है बदले में तेरी जाने क्यूँ आज भी दिल मगर बस तुझे चाहे जाने क्यूँ बेरहम दिल से तू क्यूँ नहीं जाए तू ... तू रब के समान था मेरा जहान था मेरा गुमान था क्यूँ... तू बे-वफ़ा हुआ दिल तोड़ के गया मुझसे जफ़ा किया हमनवाई ले गया तू बे-वफ़ा मेरी और मुझको दे गया है बस जफ़ा तेरी शिद्दत से नफ़रतें बेहिसाब करना चाहे दिल शिद्दत से आँखों से बस मगर अश्क ही आये थी जो क़ुरबत थी जी उल्फ़त कैसे कर लूँ जुदा उसे दिल से नहीं होती है जुर्रत कैसे दिल को मना लूँ मैं ....🎶 वो जज़्बे सभी मेरे एहसास सब मेरे वापस से ला के दे जो  तुझपे फ़ना किये वो दौर लाके दे वो उम्र लाके दे टूटे सौ मर्तबा कोई तो ज़र्रे भी हो अलग टूटा हूँ मैं बहुत फिर भी तू मुझमें है हर जगह हमनवाई ले गया तू बे-वफ़ा मेरी बेवफ़ाई दे गया है बदले में तेरी तेरे वादे गरज़ रहे हैं तेरी बातें बरस रही है तेरी सूरत लहर की तरह कश्ती मेरी डुबो रही है तेरे वादे गरज़ रहे हैं तेरी बातें बरस रही है तेरी सूरत लहर की तरह कश्ती मेरी डुबो रही है आ डुबो ले कश्तियों को शौक़ से मगर आँधियों से लाश कोई डूबता नहीं  जाने क्यूँ बेरहम दिल से त...

जाने क्यूँ ( Song Lyrics )

जाने क्यूँ तू दूर हो के दूर ना हुआ जाने क्यूँ मैं तुझसे बाहर आ नहीं सका जाने क्यूँ आज भी दिल मेरा बस तुझे चाहे जाने क्यूँ बेरहम दिल से तू क्यूँ नहीं जाए तू ... रब के समान था मेरा जहान था मेरा गुमान था क्यूँ... तू बे-वफ़ा हुआ दिल तोड़ के गया मुझसे जफ़ा किया जाने क्यूँ तू दूर हो के दूर ना हुआ जाने क्यूँ मैं टूट के भी टूट ना सका शिद्दत से नफ़रतें बेहिसाब करना चाहे दिल शिद्दत से आँखों से बस मगर अश्क ही आए थी जो क़ुरबत थी जी उल्फ़त कैसे कर लूँ जुदा उसे दिल से नहीं होती है जुर्रत कैसे दिल को मना लूँ मैं ....🎶 वो जज़्बे सभी मेरे एहसास सब मेरे वापस से ला के दे जो  तुझपे फ़ना किये वो दौर लाके दे वो उम्र लाके दे टूटे सौ मर्तबा कोई तो ज़र्रे भी हो अलग टूटा हूँ मैं बहुत फिर भी तू मुझमें है हर जगह जाने क्यूँ तू दूर हो के दूर ना हुआ जाने क्यूँ मैं टूट के भी टूट ना सका तेरे वादे गरज़ रहे हैं तेरी बातें बरस रही है तेरी सूरत लहर की तरह कश्ती मेरी डुबो रही है तेरे वादे गरज़ रहे हैं तेरी बातें बरस रही है तेरी सूरत लहर की तरह कश्ती मेरी डुबो रही है आ डुबो ले कश्तियों को शौक़ से मगर आँधियों से लाश कोई डूबता नहीं...

पल (नज़्म)

इस पल में है सब कुछ जाने-जहाँ हम भी हैं यहीं तुम भी हो यहाँ आँखों में तुम्हारे आँख हैं और हाथों में तुम्हारे हाथ तपाँ  अब इससे ज़ियादा क्या चाहें ढ़लने न सके ये रुत ये समाँ वो बारिश क्या वो क्या सावन जिसमें न तुम्हारे नक़्श-अयाँ वो क्या शबनम वो फूल ही क्या  जिसपर न तुम्हारे लम्स हो जाँ  वो क्या जन्नत वो कैसी बहार  जब तुम न रवाँ जब तुम न वहाँ इस पल में है सब कुछ जाने-जहाँ हम भी हैं यहीं तुम भी हो यहाँ वो हुस्न ही क्या वो कैसी हूर गर सिर से पाँव वो तुम सी नहीं वो क्या मरहम वो कैसी दवा जब चश्म-ए-सुकूँ को तुम ही नहीं वो क्या दरवाज़ा कैसी सुराख़ जब मिल ही न पाएँ दोनों मकाँ ऐ काश कि ऐसा हो पाए  हम सुनते रहें तुम्हें शीरीं-ज़ुबाँ ऐ काश की ऐसा हो पाता तुम सोचते ही हो जाती अयाँ इस पल में है सब कुछ जाने-जहाँ हम भी हैं यहीं तुम भी हो यहाँ वो कैसे ख़िज़ाँ वो कैसे फ़क़ीर जिस पर हो तुम्हारे रंग-ओ-निशाँ वो क्यूँ सहरा वो क्यूँ बंजर जिसपर हो तुमहारे अक्स-फ़शाँ इस वक़्त है हम पर रब माइल इस वक़्त है हमको ख़ुद पे गुमाँ इस पल में है सब कुछ जाने-जहाँ हम भी हैं यहीं तुम भी हो यहाँ इतनी सी तमन्ना है...

अक्स तेरा

रहना तू आँखों में दिन-रात होती रहे तुझसे हर-पल बात तुझको चाहेंगे इतना कभी मैंने सोचा न था तुझमें जीने लगेंगे सनम पहले जाना न था अब सोचता हूँ यारा तू पास है जो मेरे आँखों से तेरी आँखें मिला के बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा आँखों से तेरी आँखें मिला के बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा हो आके मेरी बाहों में हीरिए खो के मेरी साँसों में जानिए रहना तू आँखों में दिन-रात होती रहे तुझसे हर-पल बात आँखों से तेरी आँखें मिला के बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा आँखों से तेरी आँखें मिला के बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा हो... अक्स तेरा जान मेरी तू ही है जानाँ तू ही मेरी धड़कन है यारा साँसों में हर पल तू ही तू है नींदों में भी बस ख़ाब हैं तेरे ख़ाब भी तू ही ख़याल भी तू ही जान भी तू ही जहान भी तू ही तुझको छुपा के मैं रख लूँ कहीं कुछ यूँ कि कोई चुरा न सके आँखों से तेरी आँखें मिला के बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा आँखों से तेरी आँखें मिला के बुनता मैं रहूँ अक्स तेरा... ओ... रहना तू आँखों में दिन-रात होती रहे तुझसे हर-पल बात... ― नज़र

दर्द-ए-इश्क़ ( नज़्म )

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तुमको इक दिन ये मोहब्बत याद आएगी और फिर बातें मेरी तुमको रुलाएँगी नींद फिर रातों में तुमको भी न आएगी और मेरी चाहतें तुमको सताएँगी लाख आयेंगे मोहब्बत ले के तुम तक पर इश्क़ मेरे जैसा तुमसे कर न पायेंगे कुछ पलों को लब पे तेरे वो सजेंगे पर उम्र भर तेरे लबों पे रह न पायेंगे आज तुमको जो मोहब्बत दर्द लगती है कल तुम्हें अश्कों में वो शब भर हँसाएँँगी तुमको इक दिन ये मोहब्बत याद आएगी और फिर बातें मेरी तुमको रुलाएँगी झूठ के जज़्बात तुमको रास आयेंगे रात दिन तेरे लबों को वो हँसाएँँगे  कुछ पलों को तुम भी उनमें गुम हो जाओगी और फिर यूँ हीं मुझे तुम भूल जाओगी फिर किसी दिन सारे झूठे जज़्ब टूटेंगे  और मलाल ओ ग़म में तेरे अश्क छूटेंगे फिर तुम्हें उस रोज़ बस हम याद आयेंगे  तब तलक हम दूर पीछे छूट जायेंगे हर पहर हर पल फ़क़त तुम मुझको ढूँढोगी पर मोहब्बत लौट कर वापस न आएगी तुमपे लिक्खी फिर मेरी ग़ज़लें पढ़ोगी तुम फिर वो ही ग़ज़लें मेरी चाहत बताएँगी तुमको इक दिन ये मोहब्बत याद आएगी और फिर बातें मेरी तुमको रुलाएँगी छूट कर तुमसे मैं ख़ुद भ...

तू ही तो (Song Lyrics)

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तू ही तो मेरी साँसे ओ दिल भी मेरा , तुम्हारे सिवा जाऊँगा फिर मैं कहाँ , तू चुप हो तो मेरी ये साँसें रुके , जो बोले तो दिल मेरा हसता रहे , साँसों में मुझको तू यूँ भर ले , कि तुझको मैं सुनता रहूँ छुप के , जो दे'खूँ तुम्हे तो सुकूँ सा लगे , जो सो'चूँ तो चुपके से लब हस दे , छिपा के तुझे आँखों में यूँ रख लूँ , कि दुनिया मे बस इक तू ही दिखे , तू रुठे तो रातें मेरी ना कटे , तू टूटे तो आँखें मेरी ना रुके , जो रूठो तो आके मुझे कहना , चुप होके रूस के न तू रहना , तू ही तो मेरी साँसे ओ दिल भी मेरा , तुम्हारे सिवा जाऊँगा फिर मैं कहाँ , कुछ भी हो मुझसे ना मुँह मोड़ना , ना रस्ते में तन्हा कभी छोड़ना , तेरे बिना मैं तो बिखड़ जाऊँगा , कसम से मैं जीतेजी मर जाऊँगा , बसी है कुछ ऐसे तू मेरे दिल में , निकालूँ तुझे तो मेरी जाँ निकले , तू ही तो मेरी साँसे ओ दिल भी मेरा , तुम्हारे सिवा जाऊँगा फिर मैं कहाँ , तू छू ले तो ग़म मुझे छू न सके , गले जो लगा ले तो मौत डरे , बना के मुझे जान तू यूँ रख ले , कि दूर हो, तो भी तू पास लगे , साँसों में मुझको तू यूँ भर ले , कि तुझक...

सी गयी

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मेरी ये आँख तुझे छू के गुज़र सी गयी,   मगर हाँ दिल पे मेरी जाँ तू ठहर सी गयी  , शब ओ सहर मुझे फिर बहोत सताया तूने , मगर तू घुल के जिस्मोजाँ में बिखर सी गयी ।  बुझा बुझा था फ़लक पे मैं अंधेरो की तरह , तुम्ही ने आके सजाया फिर सितारों की तरह , तमाम रंग जो गवाए ज़िन्दगी की ख़िज़ाँ में तुम्ही ने आके लौटाया फिर बहारों की तरह , छुआ जो तुमने मेरी हालत सँवर सी गयी , गले से यूँ लगाया कि आँख भर सी गयी , तुम्ही को पाके मैने ख़ुद को भी पाया सनम , दिये की लौ सी जैसे मुझमे उतर सी गयी । मेरी ये आँख तुझे छू के गुज़र सी गयी,   मगर हाँ दिल पे मेरी जाँ तू ठहर सी गयी । ― नज़र शब ओ सहर - Night and Day फ़लक - Sky ख़िज़ाँ - Autumn , पतझड़ बहार - spring , वसंत