इश्क़ (नज़्म )

#नज़्म

न तुमसे कुछ शिकायतें
न तुमसे कुछ उमीद-ए-नाज़
न हसरतें हैं तुमसे कुछ
न तुमसे आरज़ू-ए-इश्क़
मगर जो बात है कि हो
नफ़स-नफ़स में तुम निहाँ
लहू-जिगर में तुम रवाँ
तुम्हीं ख़िज़ाँ ,तुम्हीं बहार
तुम्हीं सुकूँ , तुम्हीं ख़ुमार
जलूँ तो गोया शमअ तुम
बुझूँ तो तुम धुआँ-ओ-राख़
'नज़र' हूँ गर परिन्द मैं
तुम आसमाँ तुम्हीं क़फ़स
मैं तुमसे छूट के भी हूँ
तुम्हीं में बस क़फ़स-क़फ़स
तुम्हीं में बस नफ़स-नफ़स
मगर ये इश्क़ है मेरा
ये है मेरा मुआमला
तो तुमसे कैसी आस फिर
तो तुमसे फिर उमीद क्यूँ
न चाहो तुम तो क्या हुआ
न देखो तुम तो क्या हुआ
मैं इतना जानता हूँ बस
मैं जी रहा हूँ तुमसे ही
मैं तुमसे हूँ वजूद में
पतंग मैं , हवा हो तुम
शराब मैं , नशा हो तुम
क़िताब मैं , ज़हीन तुम
बहार मैं , हसीन तुम
मक़ाम मैं, हो ज़र्फ तुम
मैं लफ़्ज़ हूँ तो हर्फ़ तुम
मगर किसी भी तौर से
कोई भी हक़ नहीं मेरा
कि तुमपे हक़ जताऊँ मैं
मैं जी रहा हूँ तुमसे तो
भला ये क्यूँ ज़रूरी हो
कि तुम भी मुझसे ही जियो
कि तुम भी मुझमें ही बसो
हर एक फ़र्द को है हक़
कि जिसको चाहे , चाहे वो
कि जिससे चाहे कर ले इश्क़
ख़ुदा हो या हो कोई शख़्स
मगर मैं साफ़ करता हूँ
ये हक़ है इश्क़ पर फ़क़त
न तो ख़ुदा न शख़्स पर
ये कुछ भी माँगता नहीं
ये कुछ भी चाहता नहीं
न क़ुर्ब ना ही फ़ासला
न लम्स ना ही वास्ता
न इश्क़ ना उमीद-ए-नाज़
न आरज़ू न कोई आज़
न कोई पेच-ओ-ख़म यहाँ
न कोई दर्द-ए-ग़म यहाँ
यहाँ न कोई रश्क है
यहाँ न कोई अश्क है
न रिन्द ना कलाल है
न हसरत-ए-विसाल है
न ही ग़म-ए-फ़िराक़ है
न फ़िक्र ना मलाल है
बस एक फ़िक़्र-ओ-आरज़ू
कि तुम न चश्म-ए-नम रहो
बस एक ही दुआ कि तुम
सलामत-ओ-इरम रहो
'नज़र' न इतना सोचो तुम
ये इश्क़ है कमाल है

न तुमसे कुछ शिकायतें
न तुमसे कुछ उमीद-ए-नाज़

― नज़र

उमीद-ए-नाज़ - Hope of pamper
नफ़स - Soul
निहाँ - Hidden
रवाँ - Active
ख़िज़ाँ - Autumn
बहार - Spring
गोया - As if
शमअ - Flame
क़फ़स - Cage
ज़हीन - Intelligent
ज़र्फ - Capability
हर्फ़ - Letter
क़ुर्ब - Nearness
लम्स - Touch

आज़ - Greed

पेच-ओ-ख़म - Difficulty

रश्क - Envy
अश्क - Tears
रिन्द - Wine Drinker
कलाल - Wine Seller
हसरत-ए-विसाल - Desire of meeting
ग़म-ए-फ़िराक़ - Sorrow of Separation
चश्म-ए-नम - Wet Eyes
इरम - Paradise

#एक_ख़याल


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