रामानुजन ( नज़्म )
Remembering , Srinivasa Ramanujan Aiyangar; 22 December 1887 – 26 April 1920
अजब दीवानगी थी
अजब इंसान था वो
गणित के पेड़ का इक
अजब लोबान था वो
ज़रा सी उम्र को बस
वो लासा था रवाँ पर
ज़रा सी उम्र को ही
जहाँ में था अयाँ पर
जो ख़ुशबू फ़ैली उसकी
तो यूँ आसार आयें
कि मुद्दत को रवाँ था
कि मुद्दत को अयाँ था
अलग क़तरे का था वो
अजब शय से बना था
महकता जा रहा था
महकता जा रहा है
अलग रंगत थी उसकी
अजब कर के गया है
फ़क़त बत्तिस तहों को
हज़ारों तह किया है
फ़ज़ाएँ कह रही हैं
हवाएँ कह रही हैं
महकता जा रहा था
महकता जाएगा वो
अजब दीवानगी थी
अजब इंसान था वो
गणित के पेड़ का इक
अजब लोबान था वो
— नज़र
लोबान - Used for making Incense and perfumes
लासा - Gum like part of tree from which loban is obtained
रवाँ - Active
अयाँ - Visible
क़तरे - Droplets
शय - Thing
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