हँसी

ढूँढ़ने की सभी कोशिश यूँ ही ज़ाया हो गयी ,
जो हँसी थी  दरमियाँ में  वो कहीं पे खो गयी ।

― नज़र

मेरी सारी कोशिशें भी यूँ ही ज़ाया हो गयी ,
जो हँसी थी दरमियाँ में वो कहीं पे खो गयी ।

― नज़र




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