ढूँढ़ती है

वो   ग़ैरों  सी  बातें ,  वो   पर्दों  में  रातें
वो  मुझमे  वो  ही  अजनबी  ढूँढ़ती  है

जबीं पे  शिकन और  लफ्ज़ों पे  पहरे
वो शक्ल-ए-मरासिम  वो दी ढूँढ़ती है

— नज़र

जबीं - Forehead
शक्ल-ए-मरासिम - Form of relation
दी - Yesterday



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